राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत दी गई दूसरी किस्त

राजीव गांधी किसान न्याय योजना का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने किया। 20 अगस्त 2021 को दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जन्म दिवस के मौके पर सरकार ने दूसरा किस्त किसान के खाते में भेजने की घोषणा की थी। चावल और गन्ने की खेती से करीब 21 लाख किसानों को फायदा होता है। सरकार द्वारा दूसरी किस्त के तहत करीब 1,522 करोड़ रुपये की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। यह योजना पैसा और गन्ना उगाने वाले किसानों के लिए 2020-21 में शुरू हुई थी ।

इस योजना की मदद से किसानों के खाते में चार किश्तों में 5,600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जाएगी। करीब 1525 करोड़ रुपये डाउन पेमेंट के तौर पर 97 लाख रुपये का भुगतान किया गया। यह योजना किसानों के उत्पादों का सही मूल्य प्राप्त करने, उत्पादकता बढ़ाने और फसलों के लिए फसलों में विविधता लाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी ।

1 जून 2021 से आरंभ हुए पंजीकरण

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत पंजीकरण शुरू हुआ। रजिस्ट्रेशन को लागू करने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस योजना से लाभान्वित होने के इच्छुक सभी किसानों को 1 जून 2021 से 30 सितंबर 2021 तक आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। किसान द्वारा आवेदन और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। समय सीमा के भीतर किसान द्वारा जमा किए गए आवेदन पत्र और दस्तावेज संबंधित कृषक सहकारी समिति में जमा किए जाएंगे । फार्म जमा करने के दौरान अपना आधार नंबर देना अनिवार्य होगा। अगर किसान के पास किसी कारणवश आधार नंबर नहीं है तो वह भारत की विशिष्ट पहचान प्राधिकरण में पंजीकरण कराकर इस योजना के तहत आवेदन कर सकता है।

22 लाख किसानों के खाते में भेजी गई पहली किस्त की राशि

Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana ने राज्य में किसानों को आर्थिक मदद देने की शुरुआत की। इस योजना को शुरू करने का एक मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना था । 21 मई 2021 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा वीडियो कांफ्रेंस का आयोजन किया गया था। इस वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राजीव गांधी किसान योजना से 22 किसानों के खाते में 1,500 करोड़ रुपये भेजे। खरीफ 2019-20 सीजन में इस योजना के तहत करीब 19 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया। सरकार द्वारा 5,628 करोड़ रुपये की इनपुट सहायता राशि चार किश्तों के माध्यम से सभी पंजीकृत किसानों के खातों में भेजी गई थी।

बावजूद, सरकार इस योजना के तहत खरीफ के मौसम में चावल किसानों को प्रति एकड़ ₹9000 शुरू करने में सहायता प्रदान करेगी । सरकार हर साल चावल किसान उत्पादकों को इस दर पर भुगतान करेगी।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत हुए बदलाव

राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत भी सरकार ने कुछ बदलाव किए हैं। वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर चावल बेचने वाले ये सभी किसान यदि कोदो कुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगंधित धान, फोर्टीफाइड धान आदि फसलों का उत्पादन करते हैं। यदि वे अपने पौधा रोपण करते, सब कुछ इन किसानों को₹10000 के आदान सहायता मिल जाएगा । यह अनुदान सरकार द्वारा सभी कृषि किसानों को 3 वर्ष की अवधि के लिए प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा 2021-22 के धान की फसल के साथ खरीफ की फसल जैसे मक्का, सोयाबीन, गन्ना, कोदो कुटकी, अरहर आदि का उत्पादन करने वाले सभी किसानों ने प्रति वर्ष 9,000 भारतीय रुपये प्रति एकड़ की सहायता भी प्रदान की। कोदो, कुटकी का न्यूनतम समर्थन मूल्य छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ₹3000 प्रति क्विंटल के मूल्य पर जाता है।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों का उत्पादन बढ़ाना है। यह बढ़ोतरी किसानों को वित्तीय अनुदान देकर की जाएगी। यह अनुदान राशि सभी पात्र किसानों को सालाना प्रदान की जाती है। सभी किसानों को समर्थन मिल कर फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। राजीव गांधी किसान न्याय योजना की मदद से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी और वे आत्मनिर्भर और सशक्त हो सकेंगे । इस योजना के माध्यम से किसानों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा ।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना पोर्टल

इस योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने पोर्टल तैयार किया था। यह पोर्टल एनआईसी के सहयोग से विकसित किया गया था। किसान इस पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा इसके मदद से कृषि भूमि का शुद्धिकरण, अपडेशन और आधार कनेक्शन भी बनाया जा सकता है। इस योजना को कार्यान्वयन राज्य एवं जिला स्तरीय समितियों द्वारा लागू किया जाएगा । समिति द्वारा सभी लाभार्थियों का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद उन्हें लाभ की मदद  राशि दी जाएगी।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना कार्यान्वयन

कलेक्टर द्वारा बनाई गई एरिया वाइड मॉनिटरिंग कमेटी के माध्यम से काउंटी स्तर पर CG Nyay Yojana लागू की जाएगी। इस योजना की अंतर-विभागीय निगरानी और समन्वय को प्रथम सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय निगरानी समिति द्वारा लागू किया जाएगा । बावजूद, कृषि मंत्रालय में काउंटी और फील्ड अधिकारी अपने क्षेत्रों में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत आवेदनों का सत्यापन करेंगे। यह सत्यापन सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। यदि आवेदन पत्र में इस प्रणाली का लाभ लेने के लिए किसान द्वारा कोई गलत सूचना दर्ज की जाती है तो इस मामले में किसान से लाभ राशि वसूल की जाएगी।

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