राजीव गांधी किसान न्याय योजना: ऑनलाइन आवेदन, CG Nyay Yojana रजिस्ट्रेशन

किसान न्याय योजना आवेदन | छत्तीसगढ़ राजीव गांधी किसान न्याय योजना फॉर्म | Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana Application | राजीव गांधी किसान न्याय योजना In Hindi

सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार ने समय-समय पर अलग-अलग योजनाएं शुरू की हैं। ताकि देश के किसान मजबूत और आत्मनिर्भर बनें। इसी को ध्यान में रखकर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की गई। इस योजना के माध्यम से किसानों को चावल समर्थन मूल्य के अंतर की राशि प्रदान की जाएगी। इस लेख को पढ़कर आपको इस योजना के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी। जैसे इस योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया, उद्देश्य, लाभ, विशेषताएं, पात्रता, महत्वपूर्ण दस्तावेज आदि। साथियों, यदि आप राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो आपको हमारा लेख ध्यान से पढ़ना जरूरी है।

Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana

राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरुआत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के द्वारा हुई। इस योजना के मदद से राज्य के किसानों को प्रति एकड़ 9,000 रुपये की आदान सहायता प्रदान की जाएगी। यह राशि मक्का, कोदो, कुटकी, सोयाबीन, अरहर तथा गन्ना का उत्पादन करने वाले किसानों को प्रदान की जाएगी। इसके अलावा यदि 2020-21 में सबसे कम समर्थन मूल्य पर किसानों द्वारा चावल बेचा जाता है और चावल की जगह किसान कोदो कुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगंधित धान, केला, पपीता आदि फसलें उगाते हैं। या अगर वह पेड़ लगाया, इस मामले में  ₹10000 प्रति एकड़ किसान को प्रदान किया जाएगा । पेड़ लगाने वाले किसान को 3 साल तक आदान सहायता प्रदान की जाएगी।

इस योजना के बजट में सरकार ने 5,100 करोड़ रुपये का निर्धारित किया है। प्रदेश के सभी किसान इस योजना से लाभान्वित होने के पात्र हैं। वित्त मंत्री ने 2020-2021 का बजट पेश करते हुए इस योजना को शुरू करने का फैसला किया। एलएल

12992 नागरिकों द्वारा किया गया आवेदन

उन किसानों को जो की भूमिहीन है, उनको लाभ देने के लिए राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत पंजीयन कार्य किया जाता है। यह पंजीकरण 1 सितंबर, 2021 को शुरू हुआ था। पंजीकरण की समय सीमा 30 नवंबर, 2021 है। 11 अक्टूबर, 2021 तक इस प्रणाली के तहत 12,992 नागरिकों ने आवेदन किया था। इनमें बेमेंतारा विकासखंड से 110 ग्राम पंचायत में 3,465 आवेदन, साजा से 106 पंचायतों में 4,249 आवेदन, नवागढ़ में 111 ग्राम पंचायत में 3,539 आवेदन और बेलतरा में 102 ग्राम पंचायत में 1,739 आवेदन ग्राम पंचायत में प्राप्त हुई। इस योजना के तहत आवेदन फार्म ग्राम पंचायत के कार्यालय में जमा होंगे। इन आवेदन पत्रों में मुखिया का नाम, गांव का पता, पटवारी, लाइट नंबर, सदस्य विवरण, बैंक खाता, आधार कार्ड आदि दर्ज करना अनिवार्य होगा।

भुईया रिकॉर्ड के माध्यम से किया जाएगा सत्यापन

इस योजना के तहत आवेदन करने के बाद पंचों सचिव से आवेदन की स्वीकृति ली जा सकती है। प्राप्त सभी अनुरोधों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गांव, जनपद पंचायत कार्यालय के मुख्य कार्यपालन को प्रस्तुत किया जाना चाहिए । इसके अलावा पोर्टल से भी आवेदन इस कार्यालय में प्रवेश करेंगे। प्राप्त इन सभी अनुरोधों का सत्यापन भुइया अभिलेखों के माध्यम से किया जाएगा। इसके अलावा पंजीयन प्रक्रिया जनपद पंचायत के मुखिया द्वारा नियमों के अनुसार कराई जाएगी। इन सभी किसानों को जो किसी भी कृषि भूमि या पट्टा वन अधिकार के मालिक नहीं होंगे, उन्हें इस योजना के तहत लाभ प्रदान किया जाएगा। Chhattisgarh Kisan Nyay Scheme के तहत लाभार्थी मुखिया को उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से एक या दो किश्तों में ₹6000 का अनुदान वितरित किया जाएगा ।

Chhattisgarh Kisan Nyay Scheme Highlights

योजना का नामराजीव गाँधी किसान न्याय योजना
लाभार्थीराज्य के किसान
किसके द्वारा घोषणा की गयीमुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा
उद्देश्यकिसानो को धान की अंतर की राशि प्रदान करना
ऑफिसियल वेबसाइटअभी नहीं

राजीव गांधी किसान योजना के अंतर्गत शामिल किया

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा फसल उत्पादकता बढ़ाने और फसलों में विविधता लाने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की गई थी। सरकार ने शरद ऋतु के मौसम के लिए उद्यानिकी फसलों को भी इस योजना के दायरे में शामिल करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत गिरावट के मौसम में फल, फूल, सब्जियां और मौसमी उगाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 9,000 रूपए की आदान सहायता देने की आवश्यकता है। इस योजना के तहत, 2020 में, चावल उगाए गए क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों के लिए प्रति एकड़ ₹10,000 के इनपुट समर्थन के प्रावधान की पहचान इस गिरावट के मौसम में की गई थी। इसके अलावा गिरावट 2021-22 सीजन में चावल, गन्ना, मक्का, फेज, सोयाबीन, दलहन और तिलहन उगाने वाले किसानों को इनपुट सपोर्ट देने का भी निर्णय लिया गया।

  • इसके अलावा कोदो,कुटकी और रागी उगाने वाले किसान भी इस योजना में शामिल हैं। 8 सितंबर 2021 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने कैबिनेट की बैठक का आयोजन किया था। इसमें शरद ऋतु की सभी 2021-22 फसलों को शामिल करने का निर्णय लिया गया।
  • खरीफ फसल बनाने वाले सभी किसानों को 9,000 भारतीय रुपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता प्रदान की जाएगी। इस फैसले से राज्य की उद्यानिकी करने वाली फसलों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा फसल विविधीकरण से लोगों के स्वास्थ्य और पोषण में भी सुधार होगा।
  • केले, पपीता, नाशपाती, अमरूद, ड्रैगन फ्रूट, बेर, आंवला और नींबू शरद ऋतु के मौसम में फल के उत्पादन के तहत, टमाटर, आलू, भिंडी, बैंगन, शकरकंद  और कद्दू सब्जियों की खेती के तहत, गेंदा फूलों के नीचे गुलाब । मिर्च, हल्दी और अदरक पैदा करने वाली कृषि को ₹9000 प्रति एकड़ की आदान सहायता प्रदान की जाएगी । इसके अलावा काजू उगाने वाले किसानों को इस योजना के तहत आदान सहायता देने की जरूरत है।
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